ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

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गुरुवार, 3 नवंबर 2011

अंक ज्योतिष के अनुसार .1.11.11

अंक ज्योतिष के अनुसार .1.11.11
अंक ज्योतिष के अनुसार शताब्दी के अनूठे वर्ष 2011 की चार में से तीसरा दुर्लभ अंकीय संयोग पिछले मंगलवार को था।
जब तिथि. माह और वर्ष की युति .एक. के अंक की पांच आवृत्तियों के अंक एक साथ 1.11.11 हों तो काफी महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
      
वर्ष की शुरुआत ही ऐसे अनुठेपन से हुयी थी जब एक जनवरी को तिथि.माह तथा वर्ष की युति 1.1.11 थी. दूसरी ऐसी स्थिति  ग्यारह जनवरी को बनी थी जब युति 11.1.11 थी. इसमें भी एक का अंक पांच बार आया था.
     
एक नवम्बर को तिथि.माह एवं वर्ष की युति बनेगी 1.11.11 और इसमें भी एक के अंक की पांच ही आवृत्तियां होगी.

चौथी शताब्दी युति में ग्यारह नवम्बर को .एक. के अंक का छक्का लगेगा और इसे 11.11.11 के रुप में दर्शाया जायेगा. एक ही अंक की छह आवृत्तियों का यह दुर्लभतम संयोग शताब्दी में केवल एक ही बार होता है.

इससे पहले ऐसा ग्यारह नवम्बर 1911 को हुआ था और अगली बार ग्यारह नवम्बर 2111 को होगा.

चार युतियों के मामले में 2001 में भी स्थिति 2011 के निकट थी.किन्तु अंतर यह था कि तब चारों युतियों में एक के अंक की आवृत्ति 2011 के मुकाबले एक एक कम थी. यानी ग्यारह नवम्बर को अधिकतम पांच ही थी.  ..11.11.1.. अगली बार दो फरवरी 2022 को तिथि.

माह एवं वर्ष को 2.2.22 के रुप में दर्शाया जायेगा. वर्ष 2022 को होगी. उस वर्ष केवल एक ही संख्या यानी दो से बनने वालीतिथि.

माह एवं वर्ष की युति केवल इन्हीं दो दिनों में देखने को मिलेगी. इस प्रकार केवल एक ही संख्या से चार युतियां 2001 के बाद 2011 में ही बन रही है जबकि उसी संख्या यानी

एक की अधिकतम छह आवृत्तियां होना 2011 को शताब्दी का अनूठा वर्ष बना देता है. 
 
इस पूरी शताब्दी में एक ही अंक की आवृत्तियों से बनने वालीऐसी युतियां इस प्रकार है..
....तिथि.............युति
1.एक जनवरी 2001.......1.1.1
2.ज्ञारह जनवरी 2001......11.1.1
3.एक नवम्बर 2001....... 1.11.1
4.ज्ञारह नवम्बर 2001......11.11.1
5.दो फरवरी 2002........  2.2.2
6.बाईस फरवरी 2002.......22.2.2
7.तीन मार्च 2003.........  3.3.3
8.चार अप्रैल 2004......... 4.4.4
9.पांच मई 2005 .........  5.5.5
10.छह जून 2006.........   6.6.6
11.सात जुलाई 2007.......   7.7.7
12.आठ अगस्त 2008.......  8.8.8
13 नौ सितम्बर 2009........  9.9.9
14.एक जनवरी 2011....... 1.1.11
15.ज्ञारह जनवरी 2011...... 11.1.11
16.एक नवम्बर 2011.......   1.11.11
17.ज्ञारह नवम्बर 2011...... 11.11.11
18.दो फरवरी 2022 ........    2.2.22
19.बाईस फरवरी 2022.......  22.2.22
20.तीन मार्च 2033..........  3.3.33
21.चार अप्रैल 2044.......... 4.4.44
22.पांच मई 2055...........  5.5.55
23.छह जून 2066...........   6.6.66
24.सात जुलाई 2077.........  7.7.77
25.आठ अगस्त 2088......... 8.8.88
26.नौ सितम्बर 2099.......... 9.9.99

यह वर्ष ग्रहणों की सर्वाधिक संख्या .छह. के मामले में भी अनूठा है और यह अनूठापन पूरे 2041 वर्ष बाद आया है. बहरहाल भारत में छह में से तीन ग्रहण दिखाई देंगे. चार सूर्यग्रहणों में से मात्र एक औरदोनों चन्द्रग्रहण भारत में दिखाई देंगे.

वर्ष का पहला ग्रहण चार जनवरी को अल्प खंडग्रास सूर्यग्रहण के रूप में पडा था.

दूसरा सूर्यग्रहण दो जून को लगा था जो भारत मेंदिखाई नहीं दिया. तीसरा एवं चौथा खंडग्रास सूर्यग्रहण भारत से बाहर दिखने वाली खगोलीय घटनाएं है.

तीसरा एक जुलाई को लगा थाजबकि चौथा 25 नवम्बर को लगेगा. ये दोनों भी भारत में दिखाई नहीं दिये.

वर्ष के दो खंडग्रास चन्द्रग्रहणों में से पहला 15 जून को लगा था जबकि दूसरा दस दिसम्बर को लगेगा.भारतीय ज्योतिषियों ने मुख्यत.देश में दृश्य तीन ग्रहणों के आधार पर ही ज्योतिषीय गणना करके वर्ष केशुभाशुभ का आकलन के अनुसार  11 नवंबर-11 को कृत्तिका नक्षत्र होगा जिसका स्वामी सूर्य है तथा इस दिन, इस समय पर सूर्य नीच का होकर आय भाव में स्थित होगा। इसके साथ ही महादशा भी सूर्य की होगी।  गुरु एवं चंद्रमा की उस पर पूर्ण दृष्टि होगी। इस समय की कुंडली में गजकेसरी योग भी था अतः सिंह राशि वालों के लिए बेहद समृद्धीदायक सिद्ध होगा।
वहीं पर दूसरी ओर १ अंक का स्वामी सूर्य है अतएव ग्रहों का राजा सूर्य आम लोगों में भौतिकता की वृद्धी होगी । राजनीति में उथल-पुथल बना रहेगा। व्यापारियों के लिए यह समय लाभदायक रहेगा। आयात-निर्यात का कार्य करने वालों के लिए व्यय की अधिकता रहेगी। खासकर पश्चिम देशों से संबंध रखने वालों को अधिक खर्च वहन करना पड़ सकता है। मंगल अपनी मित्र राशि सिंह में भाग्येश के होने कारण भू-व्यापारियों को जो कॉलोनाईजर, सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदारों आदि को फायदेमंद होगा। शनि भी मित्र राशि में कर्मेश होने से केमिकल, तेल, चमडे, फर्टीलाइजर्स, लौहा, इस्पात आदि का कार्य करने वालों के लिए श्रेष्ठ होगा। इस समय में धन की देवी लक्ष्मी का दर्शन करना उचित होगा एवं किसी गरीब को ऊनी वस्त्र का दान करने से लाभ होगा।

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