ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

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सोमवार, 5 दिसंबर 2011

अंकों का रहस्यमयी संसार


अंकों का रहस्यमयी संसार अंकों के रहस्यमयी संसार में आपका स्वागत है I अंक विद्या ज्योतिष शास्त्र का एक महत्वपूर्ण अंग है I वास्तव में अंकों का संसार अति विचित्र, अद्भुत और चौंकाने वाला है I यों तो हस्तरेखा शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र आदि अनेकों ऐसे शास्त्र हैं जो हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं, भविष्य का संकेत करते हैं लेकिन इन सबका आधार अंक ज्योतिष ही है I बिना अंकों की सहायता लिए ये शास्त्र अपने फलों को उजागर नहीं कर सकते I हमारा पूरा जीवन इन अंकों के उलट- फेर में ही बीतता है I जीवन का ऐसा कोई क्षण नहीं होता जब हम इन अंकों से प्रभावित नहीं होते I प्रत्येक दिन, प्रत्येक समय इन अंकों से हमारा सम्बन्ध और भी अधिक गहरा होता चला जाता है I----

ज्योतिषाचार्य पं.विनोद चौबे, ०९८२७१९८८२८, भिलाई

भारत और अंक:
-“सिफर” (शून्य) शब्द अरबी भाषा का है, जिसका अर्थ है खाली।
-498 ईसा पूर्व भारतीय ज्योतिषी आर्यभट्ट ने कहा था, ‘स्थानम स्थानम दस गुणम’ जिसका अर्थ है अंकों को 10 से गुणा करने पर वे 10 गुने अधिक हो जाते हैं। इसे दशमलव पर आधारित आधुनिक अंक प्रणाली की उत्पत्ति कहा जा सकता है।
-अथर्व वेद में अंक प्रणाली और ज्योतिष में इसके उपयोग का उल्लेख किया गया है।

अंक ज्योतिष क्या है?

अंक ज्योतिष अंकों और ब्रह्मांडीय योजना के अंतर्गत अंकों के गुप्त रुझान और प्रवृत्ति का अध्ययन है। प्रत्येक अक्षर की भी अपनी आंकिक उपयोगिता होती है, जोकि ब्रह्मांडीय कंपन से संबंधित होता है। जिस नाम से हम पुकारे जाते हैं उसका अपना अनूठा कंपन होता है, जिसे कुछ अंक तक कम किया जा सकता है। सभी कंपन एक लय में नहीं होते हैं। अंक ज्योतिष के हिसाब से हम इसी प्रकार एक-दूसरे से संबंधित हैं।

आपका मूलांक:

आपका मूलांक (लाइफ पाथ नम्बर) आपके जन्म की तारीख का योग है। यह अंक यह प्रदर्शित करता है कि आप जन्म के समय क्या थे और आप अपने पूर्वजों के किन गुणों को पूरे जीवन भर साथ ले जाएंगे। जिस नाम से आपको अन्य लोग पुकारते हैं, उससे आप पर बहुत प्रभाव पड़ता है। यदि यह अंकीय रूप से आपके मूलांक से मेल खा जाता है, तो आप अपने और अपने आसपास के लोंगों के लिए ज्यादा खुशी का माहौल बना सकते हैं। जो अंक आपके नाम से उत्पन्न होता है, उसे भाग्य अंक कहा जाता है।

जन्मदिवस के अनुसार अंकज्योतिष:
आपके मासिक और वार्षिक जन्मदिवस आपके मूलांक को कई अर्थ प्रदान करते हैं। इसके प्रभाव से आप नए अवसर प्राप्त कर सकते हैं। अपने जन्मदिवस की प्रत्येक वार्षिक व्याख्या के साथ नए भय का सामना भी आपको करना पड़ सकता है।

अंकों द्वारा संबंध:
जिस प्रकार से आप स्वयं के बारे में अंक ज्योतिष द्वारा जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, उसी प्रकर आप यह भी समझ सकते हैं कि आप अन्य लोगों से किस तरह संबंधित हैं। इसके साथ ही आप यह भी जान सकते हैं कि आप दूसरे लोगों के कितने अनुरूप हैं।

आपके जीवन के चरण:
हम अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में सुख-दुख का सामना करते ही रहते हैं। इन सुख-दुख के लिए कोई मजबूत कारण भी दिखाई नहीं देता है। अंक ज्योतिष में पिनेकल्स (शिखर) द्वारा इस पर कुछ हद तक प्रकाश डाला जा सकता है। ये पिनेकल्स हमारे जीवन में आवश्यक बदलाव ला सकते हैं और हमारे जीवन को आशावादी दिशा प्रदान कर सकते है। इनके द्वारा हमें सफलता की दिशा मिलती है।

अपना व अपने बच्चों का नामकरण:

आपके पास अपने शिशु के लिए उसके जीवन पथ अंक के साथ अच्छी तरह से कंपन करने वाले नाम को चुनने की क्षमता होती है। इसी प्रकार, आप अपने नाम को भी बिना उच्चारण और अर्थ बदले हुए, उसे मूलांक के अनुरूप कर सकते हैं।

कम्प्यूटरीकृत अंक ज्योतिष:
अंक ज्योतिष और कम्प्यूटर दोनों ही अंकों पर कार्य करते हैं। कम्प्यूटर और अंक ज्योतिष (दशमलव) में इस्तेमाल की जानेवाली अंक प्रणाली में साम्य बैठाकर कर आप अपने लिए सटीक नतीजे प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार, आपको अंकों पर आधारित रिपोर्ट और अंकों पर आधारित सॉल्यूशंस मिल सकते हैं।

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