ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

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रविवार, 28 अगस्त 2011

''ज्योतिष का सूर्य'' दो वर्ष पूर्ण

''ज्योतिष का सूर्य''  दो वर्ष पूर्ण

''ज्योतिष का सूर्य''  दो वर्ष पूर्ण

भिलाइ नगर.राष्ट्र चेतना जागृति एवं सामाजिक सरोकार संबंधित विषयों को प्रकाशित करने वाला ज्योतिष का सूर्य मासिक पत्रिका दो वर्ष पूर्ण हो गए. इस अवसर पर होटल सेन्ट्रल पार्क में पत्रिका का स्थापना दिवस मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव विजय बघेल थे. अध्यक्षता उद्योगपति केके झा ने की, विशिष्टï अतिथि वरिष्ठï पत्रकार बबन प्रसाद मिश्र, शिक्षाविद आईपी मिश्र, सहकारिता बैंक के अध्यक्ष प्रीतपाल बेलचंदन और प्रोफेशनल कैरियर के डायरेक्टर डॉ. संतोष राय थे.

''ज्योतिष का सूर्य''  के द्वितीय स्थापना दिवस पर विजय बघेल ने कहा कि यह एक स्वतंत्र पत्रिका है. जैसे एक अन्ना ने पूरे देश को जागृत कर आंदोलन के लिए खड़ा किया वैसे ही हम ज्योतिष पत्रिका के माध्यम से लोगों को स्वच्छ समाज निमार्ण हेतु जागरूक करेंगे क्योंकि हमारा मकसद लाभ कमाना नहीं है. प्रतिस्पर्धा के दौर में पत्रिका का सफल संचालन एक चुनौतिपूर्ण कार्य है.
उद्योगपति केके झा ने पत्रिका में प्रकाशित कई महत्वपूर्ण अंको का उदाहरण देते हुए सराहना की और कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ पत्रकारिता की समाज में अहम भूमिका है. उन्होंने ज्योतिष पत्रिका के दीर्घायु होने की कामना की. प्रीतपाल बेलचंदन ने कहा कि
''ज्योतिष का सूर्य''  में धार्मिक और सामाजिक विषयों पर बहुत अच्छे अंक प्रकाशित होते है. इसके माध्यम से हमें ग्रह नक्षत्र और त्योहार के महत्व के साथ पूजा पाठ के उपयुक्त समय की जानकारी होती है. उन्होंने उदाहरण देकर कहा कि ज्योतिष का सूर्य ने अल्प समय में जल्द कामयाबी पाई है.
डॉ. संतोष राय ने पत्रिका की सराहना करते हुए कहा कि जब तक सूर्य निकलेगा तब तक ज्योतिष का सूर्य पत्रिका रहेगा. हम कितना भी आधुनिक हो जाए लेकिन ज्योतिष शास्त्र को नहीं झुठला सकते पत्रिका में सभी तरह की धार्मिक जानकारी मिलती है.
वरिष्ठï पत्रकार बबन मिश्र ने अन्ना हजारे के विजय होने की खुशी जताते हुए कहा कि आज दो शुभ घड़ी है. अन्ना का अनशन तोडऩा और पत्रिका की दूसरी वर्षगांठ. ग्रह नक्षत्रों के दशानुसार ही व्यक्ति के स्वास्थ्य प्रभाव होता है. ऐसे कई उदाहरण हम देख चुके है.ज्योतिष का अर्थ है. भविष्य  के बारे में जानकर बाधाओं से बचना.
इसके पूर्व पत्रिका के संपादक पं. विनोद चौबे ने पत्रिका परिचय देते हुए बताया कि  महंगाई और प्रतिस्पर्धा के दौर में पत्रिका संचालन के लिए संपादक मंडल   ने कड़ी मेहनत फलस्वरूप प्रदेश के सभी क्षेत्रों में इसकी मांग है. हम भारतीय संस्कृति अनुसार सभी दृष्टि कोण से अंक प्रकाशित करते है. अब कुछ माह में मध्यप्रदेश में भी
''ज्योतिष का सूर्य''  पढ़ा जाएगा. अब तक छत्तीसगढ़ के अलावा बिहार, झारखंड एवं दिल्ली से यह पत्रिका से यह पत्रिका प्रकाशित होती थी.
सबको मिला प्रतीक चिन्ह-

''ज्योतिष का सूर्य''  के द्वितीय स्थापना दिवस पर प्रेम संगवारी संस्था द्वारा 11 दिन तक अन्ना के साथ अनशन रखे मुकेश पाण्डेय का सम्मान को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया इसके पूर्व प्रीतपाल बेलचंदन ने इन्हे सुबह 11 बजे जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया. कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, साथ ही ज्योतिष सूर्य के संपादक मंडल के सभी सदस्यों को भी प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया.

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