ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

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शनिवार, 16 जुलाई 2011

छत्तीसगढ़ में किसानों को...लगातार हो रहा है खाद-बीज का वितरण

छत्तीसगढ़ में किसानों को...
लगातार हो रहा है खाद-बीज का वितरण

छत्तीसगढ़ में किसानों को खरीफ फसलों की बोआई के लिए खाद-बीज का वितरण लगातार तेजी से जारी है। राज्य सरकार द्वारा प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक पांच लाख 15 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज और चार लाख 34 हजार 359 मीटरिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। प्रदेश में किसानों ने अब तक 22 लाख हेक्टेयर में धान, मक्का, अरहर, उड़द, सोयाबीन, तिल सहित खरीफ की अन्य फसलों की बोआई भी पूरी कर ली है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि खरीफ फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से प्रमाणित और उन्नत बीज तथा आवश्यक रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। चालू खरीफ मौसम में राज्य शासन के कृषि विभाग द्वारा प्रदेश के किसानों को पांच लाख 22 हजार 812 क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके विरूध्द बीज निगम, शासकीय कृषि प्रक्षेत्रों और कृषि विश्वविद्यालय के भण्डार गृहों में पांच लाख 57 हजार 495 क्विंटल प्रमाणित बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गयी है। यह भण्डारण वितरण के लक्ष्य से सात प्रतिशत अधिक है। उन्होंने बताया कि 11 जुलाई तक प्रदेश के किसानों को खरीफ फसलों की बोआई के लिए पांच लाख 15 हजार क्विंटलप्रमाणित बीजों का वितरण भी कर दिया गया है। जिसमें चार लाख 33 हजार क्विंटल धान, 73 हजार 130 क्विंटल सोयाबीन, तीन हजार 901 क्विंटल अरहर और एक हजार 144 क्विंटल मक्का के बीज शामिल है। किसानों को साढ़े तीन हजार क्विंटल बीज खरीफ की अन्य फसलों के भी वितरित किए गए है। पिछले साल खरीफ में किसानों को इसी अवधि तक वितरित किए गए बीजों की तुलना में यह वितरण तीस प्रतिशत अधिक है। अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ में किसानों को उन्नत और प्रमाणित बीजों के दो लाख 72 हजार मिनीकिट भी नि:शुल्क प्रदान किए जा रहे है। जिसमें से अब तक किसानों को एक लाख सात हजार 172 बीज मिनीकिट वितरित कर दिया गया है। इसमें 61 हजार 519 अरहर बीज मिनीकिट, 17 हजार 825 सोयाबीन बीज मिनीकिट, सात हजार 378 धान बीज मिनीकिट और 18 हजार 175 बीज मिनीकिट किसानों को खरीफ की अन्य फसलों के बोआई के लिए उपलब्ध कराया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि खरीफ फसलों की पैदावार में वृध्दि के लिए किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से आवश्यक रासायनिक उर्वरक भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसानों द्वारा अब तक चार लाख 34 हजार 359 मीटरिक टन विभिन्न रासायनिक खाद का उठाव सहकारी समितियों से कर लिया गया है। इसमें दो लाख 90 हजार 744 मीटरिक टन उर्वरक सहकारिता के माध्यम से और एक लाख 43 हजार 615 मीटरिक टन उर्वरक निजी क्षेत्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की प्राथमिक सहकारी समितियों में अब तक दो लाख 43 हजार 242 मीटरिक टन यूरिया, 80 हजार 545 मीटरिक टन सिंगल सुपर फास्फेट और 40 हजार 773 मीटरिक टन पोटाश खाद का भण्डारण् किया जा चुका है। इसी तरह एक लाख पांच हजार 69 मीटरिक टन डी.ए.पी. और 73 हजार 27 मीटरिक टन एन.पी.के. खाद का भण्डारण किया जा चुका है। जिसमें से किसानों ने एक लाख 95 हजार 830 मीटरिक टन यूरिया, 62 हजार 414 मीटरिक टन सिंगल सुपर फास्फेट और 31 हजार 728 मीटरिक टन पोटाश का उठाव कर लिया है। किसानों को सहकारी समितियों से 92 हजार 177 मीटरिक टन डी.ए.पी और 52 हजार 38 मीटरिक टन एन.पी.के. खाद का वितरण भी खरीफ फसलों में उपयोग के लिए किया जा चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में किसानों ने अभी तक 22 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बोआई भी पूरी कर ली है। इममें 18 लाख 63 हजार हेक्टेयर में धान और एक लाख 31 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन सहित 44 हजार हेक्टेयर में खरीफ की अन्य फसलों की बोआई की जा चुकी है। किसानों ने इस वर्ष खरीफ के लिए निर्धारित लक्ष्य के लगभग आधे क्षेत्र में बोनी पूरी कर ली है।

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