ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

!!विशेष सूचना!!
नोट: इस ब्लाग में प्रकाशित कोई भी तथ्य, फोटो अथवा आलेख अथवा तोड़-मरोड़ कर कोई भी अंश हमारे बगैर अनुमति के प्रकाशित करना अथवा अपने नाम अथवा बेनामी तौर पर प्रकाशित करना दण्डनीय अपराध है। ऐसा पाये जाने पर कानूनी कार्यवाही करने को हमें बाध्य होना पड़ेगा। यदि कोई समाचार एजेन्सी, पत्र, पत्रिकाएं इस ब्लाग से कोई भी आलेख अपने समाचार पत्र में प्रकाशित करना चाहते हैं तो हमसे सम्पर्क कर अनुमती लेकर ही प्रकाशित करें।-ज्योतिषाचार्य पं. विनोद चौबे, सम्पादक ''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका,-भिलाई, दुर्ग (छ.ग.) मोबा.नं.09827198828
!!सदस्यता हेतु !!
.''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका के 'वार्षिक' सदस्यता हेतु संपूर्ण पता एवं उपरोक्त खाते में 220 रूपये 'Jyotish ka surya' के खाते में Oriental Bank of Commerce A/c No.14351131000227 जमाकर हमें सूचित करें।

ज्योतिष एवं वास्तु परामर्श हेतु संपर्क 09827198828 (निःशुल्क संपर्क न करें)

आप सभी प्रिय साथियों का स्नेह है..

गुरुवार, 23 फ़रवरी 2012

कुंआरों से नाराज हैं ग्रहों का मंत्रिमंडल

http://www.bhaskar.com/article/CHH-OTH-1850525-2897507.html
कुंआरों से नाराज हैं ग्रहों का मंत्रिमंडल

दैनिक भास्कर समाचार पत्र में हमारे द्वारा की भविष्यवाणी

(निर्मल साहू)सिटी रिपोर्टर त्न भिलाई

लगता है इस साल ग्रहों का मंत्रिमंडल कुंआरों से नाराज हैं। तभी इस साल विवाह के मुहूर्त बहुत कम हैं। एक महीने तक गुरु और शुक्र अस्ताचल में छिपे रहेंगे। उनकी गैर-मौजूदगी में विवाह हो नहीं सकते। कुछ खरमास का अडंगा हैं तो कुछ मासांत दोष।
लगभग पांच महीने तो देव ही सोए रहेंगे। इस साल सात फेरे लेकर विवाह बंधन में बंधने का ख्वाब देख रहे हैं तो जल्दी कीजिए। जनवरी से दिसंबर तक मात्र 48 दिन ही विवाह के योग हैं। जनवरी के 9 दिन और फरवरी के 11 दिन के योग तो बीत गए। अब मात्र 28 दिन बचे हैं। 14 मार्च से 14 अप्रैल तक सूर्य मीन राशि में चला जाएगा। खरमास के कारण इस महीने विवाह के लिए कोई मुहूर्त नहीं है। इसके बाद 1 मई को गुरु पश्चिम में अस्त होगा जो 1 जून को पूर्व में उदय होगा। शुक्र 26 मई को अस्त होगा, जो 6 जून को उदित होगा। पूरा मई और जून के शुरुआती 11 दिन भी विवाह नहीं हो सकेंगे। 27 जून को देवशयनी एकादशी के बाद देव सो जाएंगे जो 24 नवंबर को प्रबोधिनी एकादशी के दिन जागेंगे- तब तक वैसे भी शुभ कार्य नहीं हो सकेंगे। 30 जून से 27 नवंबर तक लगभग पांच महीने भी कोई मुहूर्त नहीं है।
विवाह के लिए गुरु व शुक्र जरूरी : पं. विनोद चौबे बताते हैं कि जब तक गुरु और शुक्र उदित नहीं होंगे विवाह नहीं हो सकता। गुरु विवाह का कारक होता है जो दो विचारों व संस्कारों में तालमेल कराता है। शुक्र प्रेम का कारक होता है जो दांपत्य जीवन के लिए जरूरी है। यह शास्त्र सम्मत भी है कि जब गुरु और शुक्र अस्त हों तो विवाह नहीं होता।

कोई टिप्पणी नहीं:

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.