ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

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गुरुवार, 27 अक्तूबर 2016

धनतेरस पर क्या होगा आपके लिये सटीक मुहूर्त

धनतेरस पर होगा अमृत और ध
न की वर्षा:

-ज्योतिषाचार्य पण्डित विनोद चौबे, शांतिनगर, भिलाई।
श्रीमद्भागवत के अनुसार समुद्रमंथन करते समय करते समय कार्तिक कृष्ण पक्ष के त्रयोदशी (धनतेरस) इस दिन भगवान धनवन्तरी समुद्र से कलश लेकर प्रकट हुए थे, इसलिये इस दिन खास तौर से बर्तनों की खरीदारी की जाती है. इस दिन बर्तन, चांदी खरीदने से इनमें 13 गुणा वृद्धि होने की संभावना होती है. इसके साथ ही इस दिन सूखे धनिया के बीज खरीद कर घर में रखना भी परिवार की धन संपदा में वृद्धि करता है. दीपावली के दिन इन बीजों को बाग/ खेतों में लागाया जाता है ये बीज व्यक्ति की उन्नति व धन वृद्धि के प्रतीक होते है. धनतेरस के दूसरे दिन रुप चतुर्दशी या नरक चतुर्दशी को श्री हनुमानजी का जन्म हुआ था, साथ ही यमराज को प्रसन्न करने लिये 14 दीपक जलाने की प्रथा है, ऐसी मान्यता है कि इससे पूरे वर्ष घर में सुख समृद्धि तथा आरोग्यता के साथ साथ धनतेरस को स्वर्ण, चांदी, पीतल आदि धातुओं के खरीदने से दारिद्रयता खत्म होकर धन में वृद्धि होती है। ज्योतिषाचार्य पण्डित विनोद चौबे के मुताबिक धनतेरस को हस्त नक्षत्र का भोग समूचा 24 घंटे रहेगा वहीं सिंह राशि पर चंद्र होने से चंद्र का भी प्राकट्य समुद्र मंथन से ही हुआ था, जो जल और लक्ष्मी का प्रतीक है, साथ ही चंद्र अपने मित्र ग्रह सूर्य की राशि पर है अत: यह पौराणिक दृष्टि से अमृत-वर्षा योग बन रहा है जिससे धनतेरस की महत्ता को और अधिक बढ़ा दिया है।

धनतेरस में शुभ मुहूर्त :
चौघडिय़ा मुहूर्त:
प्रात: 7: 54 से 9: 18 तक लाभ  (उत्तम)
प्रात: 9: 18  से 10:43 तक अमृत (सर्वोत्तम)
दिन में 12:15 से 1:28 तक शुभ (उत्तम)
सायंकाल: 5:40 से 7:5 मिनट तक लाभ (उत्तम)
रात्रि में 7:5 से 08:27 तक अमृत (सर्वोत्तम)
रात्रि में 09:51 से 11:15 मिनट तक लाभ (उत्तम)

लग्न मुहूर्त:
प्रात: 7:53 से 10:10 मिनट तक वृश्चिक लग्न, स्थिर
(वृषभ, कन्या, मकर तथा सिंह राशि वालों के लिये विशेष शुभकारक रहेगा उपरोक्त लग्न में खरीदी करना)
दोपहर: 2:3 मिनट से 3:34 तक कुंभ लग्न, स्थिर
(मिथुन, तुला, कुंभ मेष तथा वृश्चिक राशि वालों के लिये विशेष शुभकारक रहेगा उपरोक्त लग्न में खरीदी करना)
सायंकाल: 6:39 से 8:35 तक वृषभ लग्न, स्थिर (सर्वोत्तम)
(कर्क, वृश्चिक, मीन, तथा कुंभ राशि वालों के लिये विशेष शुभकारक रहेगा उपरोक्त लग्न में खरीदी करना)
रात्रि (अद्र्ध) में 01: 07 से 3:21 तक सिंह लग्न(सर्वोत्तम)
(ंिसंह, धनु,मेष तथा सिंह राशि वालों के लिये विशेष शुभकारक रहेगा उपरोक्त लग्न में खरीदी करना)


वर्जित काल:
दिन में 10:41 से 12:15 तक, राहु काल
 लक्ष्मी जी व गणेश जी की चांदी की प्रतिमाओं को इस दिन घर लाना, घर- कार्यालय,. व्यापारिक संस्थाओं में धन, सफलता व उन्नति को बढाता है.

इसके बाद धूप, दीप, नैवैद्ध से पूजन करें. और निम्न मंत्र का जाप करें.
यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धन-धान्य अधिपतये
धन-धान्य समृद्धि मे देहि दापय स्वाहा ।
-ज्योतिषाचार्य पण्डित विनोद चौबे, रावण संहिता विशेषज्ञ एवं संपादक- ज्योतिष का सूर्य, राष्ट्रीय मासिक पत्रिका, शांतिनगर, भिलाई, जिला दुर्ग (छ.ग.)

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