ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे

!!विशेष सूचना!!
नोट: इस ब्लाग में प्रकाशित कोई भी तथ्य, फोटो अथवा आलेख अथवा तोड़-मरोड़ कर कोई भी अंश हमारे बगैर अनुमति के प्रकाशित करना अथवा अपने नाम अथवा बेनामी तौर पर प्रकाशित करना दण्डनीय अपराध है। ऐसा पाये जाने पर कानूनी कार्यवाही करने को हमें बाध्य होना पड़ेगा। यदि कोई समाचार एजेन्सी, पत्र, पत्रिकाएं इस ब्लाग से कोई भी आलेख अपने समाचार पत्र में प्रकाशित करना चाहते हैं तो हमसे सम्पर्क कर अनुमती लेकर ही प्रकाशित करें।-ज्योतिषाचार्य पं. विनोद चौबे, सम्पादक ''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका,-भिलाई, दुर्ग (छ.ग.) मोबा.नं.09827198828
!!सदस्यता हेतु !!
.''ज्योतिष का सूर्य'' राष्ट्रीय मासिक पत्रिका के 'वार्षिक' सदस्यता हेतु संपूर्ण पता एवं उपरोक्त खाते में 220 रूपये 'Jyotish ka surya' के खाते में Oriental Bank of Commerce A/c No.14351131000227 जमाकर हमें सूचित करें।

ज्योतिष एवं वास्तु परामर्श हेतु संपर्क 09827198828 (निःशुल्क संपर्क न करें)

आप सभी प्रिय साथियों का स्नेह है..

शनिवार, 3 नवंबर 2012

मुहूर्त- मंगल-पुष्य नक्षत्र, धनतेरस एवं दीपावली के सभी मुहूर्त



''   मित्रों, प्रिय पाठकों एवं ज्योतिष का सूर्य राष्ट्रीय मासिक पत्रिका के नियमीत पाठकों हालाकि इस बार का अंक दीप-पर्व विशेषांक था जिसमें महालक्ष्मी-पूजन व शुभ मुहूर्तों के बारे में विस्तृत चर्चा की गई है, किन्तु जिन पाठकों तक यह अंक नहीं पहुँच पाया है उन्हें इस ब्लाग के माध्यम से आप सभी को सादर समर्पित है। सर्व प्रथम आप सभी को दीप पर्व पर ढ़ेर सारी शुभकामनाएँ....। और अब चर्चा करते हैं महा लक्ष्मी जी के प्रसन्नार्थ पूजन के लिए शुभ मुहूर्तों के लिए, मुझे विश्वास है, आप इससे अवश्य लाभान्वित होंगे।''




मुहूर्त- मंगल-पुष्य नक्षत्र, धनतेरस एवं दीपावली के सभी मुहूर्त हैं....।

'' छोटे-बड़े लगभग सभी व्यापारी सालभर आय-व्यय का लेखा-जोखा रखने के लिए बही-खाता प्रयोग करते हैं, बही-खाता की स्थिति जितनी अच्छी हो उतना सफल वव्यापारी माना जाता है अत: हर एक व्यापार का हृदय है खाता बही जिसे शुभ मुहूर्त में  खरीदना चाहिए।  को पुष्य नक्षत्र में ही खरीद इस बार 6 साल बाद मंगल पुष्य नक्षत्र आया है, इसके पहले 25 अक्टूबर 2005 को आया था बावजूद इसकी और अधिक महत्ता इसलिए है कि इस बार सोमवार को सायं 4 बजकर 16 मिनट पर ही पुष्य नक्षत्र का आगमन हो जा रहा है, जो आगामी 6 नवंबर मंगलवार को देर रात तक रहेगा अत: इस बार दो दिन पुष्य नक्षत्र में खरीदी की जा सकती है। कर्क, वृश्चिक, मीन, मेष एवं वृषभ राशि वालों के लिए चाँदी के बर्तन तथा सोने के सिक्के लेना विशेष लाभदायी रहेगा। बाकि सभी राशि वाले जातकों को चाहिए की वे अन्य धातुओं की खरीदी करें। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग चौघडिय़ा मुहूर्त के अनुसार खरीदी करना शुभप्रद रहेगा। क्योंकि  राशि पर चन्द्र एवं तुला राशि पर सूर्य 19 डिग्री का विशेष शुभदायी रहेगा। कर्क राशि वालों के लिए विशेष लाभप्रद  ''

मंगल-पुष्य नक्षत्र (6/11/2012)

चौघडिय़ा मुहूर्त :

लाभ   10 : 30 मि. से 12 : 00 मि. दोप.  तक
(फुटकर विक्रेता एवं खाद्यान्न तथा गृह साज-सज्जा और रेडिमेड कपड़ों से संबन्धित खरीदी के लिए)
अमृत   12 : 00 मि. से 01 : 30 मि. दोप. तक
(लौह अयस्क, लघु उद्योग एवं कारपोरेट जगत में खरीदी के लिए)
शुभ     03 : 00 मि. से 04 : 30 मि. अपराह्न तक
(शेयर खरीदी एवं मिडिया तथा शिक्षण संस्थान में प्रयुंक्त सभी समानों के लिए)
लाभ    07 : 30 मि सायं . से 09 : 00 रात्रि तक
(चाँदी एवं सोने के खरीदी के लिए उपयुक्त समय)

धनतेरस (धनत्रयोदशी) 11/11/2012

धनतेरस के दिन स्फटिक श्रीयंत्र, पारद गणेश लक्ष्मी की मूर्ति एवं चाँदी के बर्तन तथा चाँदी की धातु से निर्मित गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा के अलावा स्वर्ण-गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा की खरीदी कर आज से ही आगमाी पाँच दिन (अन्नकूट) तक अखण्ड स्थिर लक्ष्मी - अनुष्ठान करना चाहिए।
लाभ    प्रात: 09 : 00 मि. से 10 : 30 तक
(व्यापारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए)
अमृत   प्रात: 10 : 30 मि. से 12 :00 तक
(खदान, वकालत एवं लौह अयस्क के व्यापारी वर्ग के लिए)
शुभ     दोप. 01 : 30 मि. से  03 : 00 तक
(सामान्य वर्ग, नौकरी एवं फिल्म इण्डस्ट्री वाले लोगों के लिए)
शुभ     सायं 06 : 00 मि से  07 : 30 तक
(सोना, चाँदी एवं नवरत्नो के खरीदी के लिए बेहद शुभदायक समय)
अमृत   सायं 07 : 30 मि. से 09 : 00 तक
(खरीद कर लाये गये वस्तु का पूजन एवं पंच दिवसीय महालक्ष्मी अनुष्ठान का शुभारम्भ)

दीपावली लक्ष्मी-पूजन मुहूर्त 13/11/2012

लाभ    प्रात: 10 : 30 मि. से 12 : 00 तक
अमृत   दोप. 12 : 00 मि. से  01 : 30 तक
शुभ     दि.  03 : 00 मि. से  04 : 30 तक
गोधूली  सायं 04 : 30 मि. से 05 : 30 तक
(पंच दीप पूजन)

लग्न मुहूर्त (लक्ष्मी-पूजन हेतु)

वृषभ- लग्न    संध्या 05 : 18 मि. से 07 : 16 मि. तक
   मिथुन-लग्न    रात्रि 07 : 16 मि. से 09 : 21 मि. तक
सिंह-लग्न      अद्र्धरात्रि 11 : 44 मि. से 01 : 54 तक
(इसी समय महानिशीथ-तांत्रिक पूजन होता है)
   
ज्योतिषाचार्य पं.विनोद चौबे, शांतिनगर, भिलाई, मोबा. नं. 09827198828

कोई टिप्पणी नहीं:

इस गैज़ेट में एक गड़बड़ी थी.