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सोमवार, 24 जुलाई 2017

"डोकलम" बना चीन के लिये "भस्मासुर"

"डोकलम" बना चीन के लिये "भस्मासुर"

चीन भस्मासुरी-चाल में स्वत: जलकर भस्म होने की कगार पर .....राह देख रहा है की कैसे 'डोकलम' से पीछे जाऊं...और देखिए चीन की बनरघुड़की चीनी सेना का प्रवक्ता भारत को युद्ध की धमकी दे रहा है.... यह जानते हुए की अब वक्त बदला है..हमारी सेना का मनोबल बढ़ा है हमारे देश के वीर सैनिकों के वीरता को देखकर पूरा विश्व नतमस्तक है साथ ही अब भारत की सत्ताधारी नेता 'राजमाता की जय बोलने वाले नहीं बल्कि, ''वंदे मातरम्'' बोलकर शत्रु के सामने शीश झुकाने या पीठ दिखाकर हार स्वीकारने की बजाय अन्तिम स्थिति तक शौर्य-नीति, विदेश-नीति तथा कुशल 'कूट-नीति' से बिना थमें लड़ते रहने वाले नेता हैं...'कुशल नेतृत्व' जो मिला है! हमारे देश की सेना हो या नेता या हो आम जनता...ये सवा सौ करोड़ का विशाल जनसमूह तबतक शत्रु से लड़ते रहेंगे जबतक की "विजय हासिल" ना हो जाय... इसके लिये भले ही क्यों ना शीश का बलिदान करना पड़ जाये....

-पण्डित विनोद चौबे, संपादक- 'ज्योतिष का सूर्य' भिलाई

आईये थोड़ा समझने का यत्चीन करते हैं हैं कि-  क्यों पीछे खिसकने के बहाने ढूंढ रहा हैं, डोकलाम से ?? ये सच है कि चीन की हेकड़ी निकल चुकी है। इसके कारण ये हैं:

1) चीनी सेना ने अपनी सरकार से कहा कि बिना युद्ध के भारतीय सेना पीछे हटने को तैयार नहीं है। वे युद्ध के लिए पूरी तैयारी किये हुए हैं। पर पहले वार नहीं कर रहे हैं इससे लगता कि उनका इरादा खतरनाक है, ये युद्ध छिटपुट नहीं संपूर्णता से होगा। हमें भी वैसी तैयारी करनी पड़ेगी।

2) चीन की खुफिया सूत्रों ने ये खतरनाक रिपोर्ट्स भारत और भूटान की मिटींग की भेजी जिसमें ये तय हुआ था कि बिना चीन द्वारा अधिगृहित जमीन वापस लिए इस क्षेत्र में शान्ति संभव नहीं है। निहायत जरूरी है कि 1947 के समय जो भूस्थिति थी उसे फिर बहाल किया जाय।

3) चीन के रक्षासूत्रों ने सूचित किया कि युद्ध की स्थिति में भारत एकसाथ जल,थल व नभ से पूरा प्रहार करेगा।उसने चीन के सभी मुख्य शहरों को अग्नि से निशाने पर ले रखा है ।सीमापर ब्रह्मोस तैनात है।उसके सैनिक भी 1962 का दाग धोना चाहते हैं ।

4) चीन के सेना कमान ने कहा कि हमारे सैनिकों का मनोबल गिरा हुआ है, वेतन नियमित नहीं मिलने से भी वे नाराज चल रहे हैं। अज्ञात कारणवश वे भयभीत भी हैं।जमीनी युद्ध में हमें काफी नुकसान हो सकता है। भारत पहले के जमीन को वापस लेने का मन बनाये हुए है।

5) इसके आलावा चीन आकलन कर रहा था कि विश्व पटल पर वह अकेला हो चुका है, 23 देशों से उसके सीमा विवाद हैं, उन सब को मोदी गूँथकर माला बना चुके हैं, वियतनाम तो इतने गुस्से में है, कि ब्रह्मोस मिलते ही चीन को ठोक देगा । पाकिस्तान एक साथ दे सकता है पर उस लगभग दिवालिया हो चुके आतंकवादी देश की कोई औकात बची नहीं है ।

6. और सब से बड़ा कारण, 

अगर चीन और भारत का युद्ध होता हैं, तो भारतीय जनमत पूरी तरह से चीनी उत्पादों के विरुद्ध हो जाएगा । इस में मोदी सरकार के आने के बाद भारतीय जनमानस में जागे राष्ट्रवाद का बहुत बड़ा योगदान होगा । इसके अतिरिक्त GST लगने के कारण अब चीन से भारत में Under Invoicing द्वारा माल भेजना असंभव हो गया हैं, ऐसे में चीन के उत्पाद भारत में पहले के कांग्रेस शासन की तरह सस्ते नहीं रहेंगे । परिणाम स्वरूप चीनी उद्योगों को अपना उत्पादन 35 से 40% तक कम करनी पड़ेगया, और इसके Chain Effect उनकी लागतों में वृद्धि, और फिर भारतीय उत्पादों के मुकाबले महंगे पड़ने के रूप में सामने आएगा ।

बस चीन के पक्ष में और हिंदुस्तान के दुर्भाग्य स्वरूप 2 ही तथ्य हैं :

1. "मोदी हटाओ, क्योंकि उसने मेरे धंधे पर GST लगा दिया ।"

और

2. देश के चिर युवा युवराज और उनकी महान पार्टी, सेकुलर और भारत में बसा पाकिस्तान से भी बड़ा पाकिस्तान चीन के सबसे बड़े ब्रह्मास्त्र सिद्ध होंगे ।

मर्जी आपकी, क्योंकि, देश आपका, जिंदगी आपकी ।

कुछ सत्यता लगे तो शेयर करने का आग्रह ।

-"ज्योतिष का सूर्य'' 

http://ptvinodchoubey.blogspot.com/2017/07/blog-post_24.html?m=1

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