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गुरुवार, 14 जुलाई 2011

कैसे चमकेगा आपका भाग्य ???


कैसे चमकेगा आपका भाग्य ???
''भाग्यम फलति सर्वदा न च विद्या न च पौरूषम''
भाग्य या किस्मत ऐसे शब्द हैं जिन पर सामान्यत: सभी लोग विश्वास करते हैं। कुछ लोग कर्मों के प्रभाव को अधिक महत्व देते हैं लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में कई बार अच्छे कर्मों के बाद भी दुख झेलना पड़ जाते हैं। ऐसे में भाग्य या किस्मत की बात कही जाती है। यदि कोई व्यक्ति अत्यधिक दुखों से परेशान हैं तो उसे ज्योतिष में बताए गए अचूक उपाय अपनाने चाहिए।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर व्यक्ति की कुंडली में विभिन्न ग्रह दोषों के प्रभाव से दुखों की प्राप्ति होती है। यदि संबंधित ग्रह का उचित उपचार कर लिया जाए तो उसके बुरे प्रभावों से छुटकारा मिल सकता है। कुंडली में 9 ग्रह होते हैं जो अपनी अलग-अलग स्थितियों के अनुसार भाग्य का निर्माण करते हैं। इन 9 ग्रहों में 7 तो सामान्य ग्रह है लेकिन 2 ग्रह राहु और केतु छाया ग्रह हैं।
सामान्यत: राहु और केतु को अच्छा ग्रह नहीं माना जाता है। इनकी अलग-अलग स्थितियों से कई ग्रह दोष बनते हैं। यदि राहु अशुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति को हमेशा ही दुखों का सामना करना पड़ता है। हर क्षेत्र में असफलता मिलती है और समाज, परिवार में सम्मान नहीं मिलता। ऐसे में राहु ग्रह के दोषों को कम करने के लिए लाल किताब में एक सटीक उपाय बताया गया है। इसके अनुसार किसी भी पवित्र नदी में खोटे सिक्के प्रवाहित करने होते हैं। ध्यान रहे नदी में बहता पानी होना चाहिए। रुके हुए पानी में सिक्के बहाने से लाभ प्राप्त नहीं होगा। इसके साथ प्रतिदिन हनुमान चालिसा का पाठ करें और शनिवार को शनि के निमित्त तेल का दान करें।
(निःशुल्क सेवा के लिए-मेल
करें-panditvinodchoubey@yahoo.in)
-ज्योतिषाचार्य पं. विनोद चौबे महाराज-09827198828

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